29 मार्च को शनिश्चरी अमावस्या के दिन लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें सूतक माना जाएगा या नहीं

WD Feature Desk

बुधवार, 26 मार्च 2025 (11:31 IST)
solar eclipse in india 2025: चैत्र नवरात्रि से एक दिन पहले साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। संयोग से उसे दिन शनिचरी अमावस्या भी है।  शनिवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या और सूर्य ग्रहण दोनों का ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व होता है। सूर्य ग्रहण के दिन हिंदू मान्यता के अनुसार सूतक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में सूतक काल से लेकर ग्रहण तक शुभ कार्यों की मनाही होती है। आइए आपको बताते हैं सूर्य ग्रहण का समय क्या होगा और क्या सूतक काल माना जाएगा।

29 मार्च को सूर्य ग्रहण का समय:
साल का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025 को दोपहर 2 बजकर 21 मिनट से शाम 6 बजकर 16 मिनट तक लगेगा। ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 53 मिनट की रहेगी।

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भारत में दिखेगा या नहीं:
साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए, इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। यानी भारत में किसी भी धार्मिक कार्य पर रोक नहीं रहेगी।

सूतक काल क्या होता है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है, जो ग्रहण समाप्त होने के साथ खत्म हो जाता है। सूतक काल में कोई भी शुभ काम नहीं किए जाते हैं।

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सूतक काल में क्या नहीं करना चाहिए?
•    भोजन नहीं करना चाहिए।
•    देवी-देवताओं की पूजा नहीं करनी चाहिए।
•    यात्रा नहीं करनी चाहिए।
•    किसी भी नए काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए।

ग्रहण के दौरान क्या करें?
•    ग्रहण के दौरान मंत्रों का जाप करना चाहिए।
•    ग्रहण के बाद स्नान करना चाहिए।
•    गरीबों को दान देना चाहिए।

ग्रहण का प्रभाव:
सूर्य ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है। कुछ राशियों पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, तो कुछ राशियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

ग्रहण के दौरान सावधानियां:
•    ग्रहण के दौरान सूर्य को न देखें।
•    ग्रहण के दौरान भोजन न करें।
•    ग्रहण के दौरान यात्रा न करें।
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