लंबे समय तक पीथमपुर में Union Carbide का जहरीला कचरा जलाने का मामला अब लगभग खत्म होता नजर आ रहा है। गुरुवार से पीथमपुर में स्थित रामकी कंपनी में Union Carbide का जहरीला कचरा जलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गुरुवार को भस्मक में 9-9 किलो के पैकेट डाले गए और कचरा जलाया गया। रामकी कंपनी के पास गांव और आसपास के क्षेत्रों में 500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं दो एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम भी गांव में तैनात की गई है।
बता दें कि कोर्ट ने कुल 30 टन कचरा जलाने का ट्रायल रन चलाने का निर्देश दिया था। यह कचरा इंदौर के समीप स्थित पीथमपुर की रामकी में जलाया जाना है। गुरुवार को कचरा जलाना शुरू हो गया है। बता दें कि इसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी। इस प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
तीन दिन में 10 टन कचरा जलेगा : बता दें कि पीथमपुर में दोपहर में कचरा जलाने का पहला ट्रायल किया गया। तीन दिन में 10 टन कचरा जलाया जाएगा। दो भस्मकों में 800 और 1200 डिग्री तापमान रखा गया और उसमें कचरा जलाया गया। उसमें से जो राख बचेगी। उससे पीथमपुर के ही रामकी प्लांट में लैंडफिल किया जाएगा। 30 टन के ट्रायल रन की रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुति की जाएगी। संभागायुक्त दीपक सिंह ने कहा कि कचरा जलाने के दौरान परिणामों का आंकलन किया गया। निष्पादन के दौरान कोई समस्या नहीं आई तो प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। हाईकोर्ट के निर्देशों में भी यही उल्लेख है।
9-9 किलो के पैकेट बनाए गए : बता दें कि कचरा जलाने की प्रोसेस सुबह 10 बजे शुरू हो गई थी। कचरे के साथ चूने को मिक्स कर 9-9 किलो के पैकेट बनाए गए हैं। चूने के जरिए जहर के असर को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। सुबह से ही भस्मक को वार्म-अप किया गया। 900 डिग्री से ज्यादा तापमान होने के बाद कचरा भस्मक में डाला गया।
337 टन कचरा भोपाल से भेजा था : बता दें कि कोर्ट के निर्देश के मुताबिक कुल 30 टन कचरा जलाया जाएगा। इस ट्रायल रन की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी। उसके बाद बचा कचरा जलाया जाएगा। कुल 337 टन कचरा भोपाल से इंदौर के पास पीथमपुर में 12 कंटेनरों में लाया गया था। पिछले 57 दिनों से यह कंटेनर पीथमपुर में रखे गए हैं। फिलहाल पांच कंटेनरों को खोला गया है। धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के मुताबिक कचरा जलाने की प्रोसेस जारी है। दस टन कचरे के निपटान में तीन दिन का समय लगेगा। हाईकोर्ट के तय मापदंडों के अनुसार कचरे का ट्रायल रन किया जा रहा है।
पॉल्युशन बोर्ड कर रहा निगरानी : परीक्षण के नतीजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सौंपे जाएंगे, जो उसके बाद फीड रेट निर्धारित करेगा, जिस पर शेष कचरे का निपटान किया जाएगा। बता दें कि यूनियन कार्बाइड फैक्टरी से कुल 337 टन खतरनाक कचरा पीथमपुर निपटान संयंत्र पहुंचाया गया है।
Edited By: Navin Rangiyal