घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान कर सकता है गोलीबारी

श्रीनगर। बीएसएफ के महानिदेशक केके शर्मा ने यह रहस्योद्घाटन किया है कि आतंकवादियों को घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान किसी भी समय जम्मू की इंटरनेशनल बॉर्डर पर भीषण गोलीबारी कर सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षाबल के जवान पाक हमलों का जबाव देने को पूरी तरह से तैयार हैं। इस बयान के बाद जम्मू सेक्टर के सीमांत इलाकों में जबरदस्त दहशत का माहौल है।


शर्मा का कहना था कि जम्मू संभाग में इंटरनेशनल बार्डर के पार लांचिंग पैड व आंतकवादी ट्रेनिंग कैंपों में आतंकवादी घुसपैठ के इंतजार में हैं। अप्रैल माह में फसलें कटने के बाद पाकिस्तान घुसपैठ करवाने की मंशा से गोलाबारी कर सकता है। हम किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। जम्मू में शुक्रवार को डीजी ने कहा की हम सीमा पर शांति चाहते हैं, लेकिन पाकिस्तान हर साल अप्रैल में फसल कटते ही गोलाबारी करता है। सीमा सुरक्षाबल पाकिस्तान की ओर से किसी भी प्रकार की साजिश को नाकाम बनाने के लिए तैयार है।

सीमा सुरक्षाबल जम्मू फ्रंटियर की ऑपरेशनल तैयारियों का जायजा लेने आए सीमा सुरक्षाबल के डीजी ने कहा की सुंदरबनी में आतंकवादियों की साजिश नाकाम बनाने में सीमा सुरक्षाबल की ओर से दी गई पुख्ता जानकारी ने अहम भूमिका निभाई। आतंकवादी सुरक्षाबलों के कैंप पर हमला करने की ताक में थे। सीमा के हालात संबंधी प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि जवानों ने आईबी पर एक भी घुसपैठ नहीं होने दी है। आगे भी ऐसे ही होगा।

डीजी ने कहा कि इससे इनकार नहीं किया जा सकता है कि पाकिस्तानी सेना व रेंजर्स सीमा पर आतंकवादियों को हर प्रकार का सहयोग देते हैं। इसके बिना आतंकवादी सीमा के पास नहीं पहुंच सकते हैं। इस समय सीमा पर स्थाई शांति का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि इस दौरान भी कई आतंकवादी दल सीमा के पास देखे गए हैं, लेकिन हर बार उन्हें नकारा गया। हालांकि डीजी ने इससे इनकार नहीं किया कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए जैश-ए-मोहम्मद व लश्कर मिलकर काम कर रहे हैं।

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया, इस समय जम्मू में सीमा पर 10 किलोमीटर स्मार्ट फैंस लगाने का कार्य चल रहा है। अप्रैल महीने तक इसके पूरा होने की संभावना है। सुंदरबनी में चार आंतकवादियों के मारे जाने को बड़ी कामयाबी करार देते हुए उन्होंने कहा कि इससे इनकार नहीं किया जा सकता है कि उनके सहयोगी छोटे दल भी इलाके में हो सकते है। सुरक्षाबल इसे ध्यान में रखकर कार्य कर रहे हैं।

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