स्थानीय निवासी फ़रीन बानो ने बीबीसी गुजराती को बताया कि पुलिस पर पथराव किया जा रहा था। उन्होंने बताया, "कुछ पुलिसकर्मियों को पास की एक दुकान में छिपना पड़ा था। हमारे घर के पास खड़े कुछ लड़के उन पुलिसकर्मियों को अंदर ले आए।" उन्होंने बताया, "हमने उनके सिर पर बर्फ़ रगड़ कर उनका इलाज किया और उन्हें कुछ राहत मिली।"
फ़रीन बानो के मुताबिक, घायल एक महिला कांस्टेबल भी उनके घर आई। उन्होंने बताया कि कांस्टेबल बहुत डरी हुई थी। उनके सिर पर एक पत्थर लगी थी और वह रो रही थी। एक अन्य पुलिस अधिकारी के हाथ पर पत्थर लगा था और वह भी घबरा गया था। उन्होंने बताया, "हमने उन्हें शांत कराया।"
उन्होंने बताया, "हमने अपने घर में दो पुलिसकर्मियों और एक महिला कांस्टेबल को रखा था और शेष तीन लोगों को मकान के पिछले वाले कमरे में भेज दिया था क्योंकि वे घबरा गए थे।" स्थिति शांत होने पर घायल लोग अपने-अपने घर चले गए।