Cyclone Fani Updates : ओडिशा में तूफान के जोर से पुरी स्टेशन की छत उड़ी, बस उड़कर दूर जा गिरी, 8 लोगों की मौत

शनिवार, 4 मई 2019 (00:48 IST)
भुवनेश्वर/कोलकाता। भारी बारिश और 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली प्रचंड हवाओं के साथ चक्रवाती तूफान ‘फानी’ ने शुक्रवार सुबह ओडिशा तट पर दस्तक दी। इससे कम से कम 8 लोग मारे गए हैं। तटीय राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया गया है और मछुआरों को समुद्र में नहीं उतरने को कहा गया है। 
 
पूर्व तट रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हावडा-चेन्नई मार्ग पर करीब 220 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। तूफान के पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ने के मद्देनजर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अगले 48 घंटे के लिये पूर्वनियोजित अपनी सभी चुनावी रैलियों को रद्द कर दिया है और स्थिति पर नजर रख रही हैं। फानी से जुड़ी हर जानकारी...

 
- 1999 में आए सुपर साइक्लोन के बाद 'फानी' अब तक सबसे खतरनाक चक्रवात
- केंद्र सरकार ने 1 हजार करोड़ का एडवांस‍ रिलीफ फंड जारी किया 
- ओडिशा के पुरी समेत कई इलाकों में 250 किलोमीटर रफ्तार तक चलीं हवाएं
- तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश के कारण कई पेड़ उखड़े और कई गांव डूबे 
- फानी के प्रकोप के कारण 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
- भीषण 'फानी' चक्रवात की वजह से 10,000 गांव और 52 शहर प्रभावित
- फानी' चक्रवात के कारण लोगों के रहने के लिए तैयार किए गए 5 हजार शेल्टर होम

- फानी ने भुवनेश्वर के बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भारी नुकसान पहुंचाया
- बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट के भीतर और बाहर भी भारी तबाही हुई 
 
- फानी ने पुरी रेलवे स्टेशन को भी काफी नुकसान पहुंचाया
- रेलवे स्टेशन की मोटी चद्दर की शीट्‍स कागज की भांति उड़ गई। एक स्थान पर तो तूफान के जोर से बस उड़कर दूर जा गिरी। 
-विशेष राहत आयुक्त बीपी सेठी ने कहा कि पुरी में एक किशोर लड़के के ऊपर पेड़ के गिर जाने से उसकी मौत हो गई। नयागढ़ में कांक्रीट के बने एक ढांचे से उड़ रहे मलबों की चपेट में आने से 1 महिला की मौत हो गई जबकि केंद्रपाड़ा जिले में एक राहत शिविर में दिल का दौरा पड़ने से बुजुर्ग महिला की मौत हो गई।
-राज्य प्रशासन ने चक्रवात से 2 दिन पहले करीब 10,000 गांवों और 52 शहरी इलाकों से करीब 11 लाख लोगों  को हटा लिया था। ये सभी लोग 4,000 से अधिक शिविरों में ठहरे  हुए हैं जिनमें से विशेष रूप से चक्रवात के लिए बनाए गए 880 केंद्र शामिल हैं।
 
-राजधानी भुवनेश्वर एवं अन्य कई इलाकों में संचार लाइनें बाधित हो गई हैं। मोबाइल टॉवर क्षतिग्रस्त  हो गए हैं और कई जगहों पर बिजली की आपूर्ति काट दी गई है।

-ओडिशा के बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्‍डे को भी नुकसान पहुंचा है। 
 
-गृह मंत्रालय के तहत आने वाले राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया केंद्र (एनईआरसी) के अनुसार ओडिशा के पुरी जिले में बिजली और दूरसंचार लाइनें पूरी तरह से ठप्प हो गई हैं और उन्हें बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। 
 
-एनडीआरएफ, नौसेना, तटरक्षक बल, सेना और वायुसेना के बचावकर्मियों को तैनात किया गया है और केंद्र सरकार स्थिति पर बारीक नजर रख रही है। फोनी चक्रवाती तूफान कमजोर होकर ‘अत्यधिक गंभीर’ से ‘काफी गंभीर’ में बदल गया है।
 
-गृह मंत्रालय नियंत्रण कक्ष में हेल्पलाइन नंबर 1938 शुरू किया गया है। एनडीआरएफ ने 60 टीमों को तैनात किया है, जबकि 25 टीमों को तैयार रखा है। हर टीम में 45 सदस्य होते हैं।
-भारतीय नौसेना ने राहत कार्यों के लिए पूर्वी तट पर छह पोतों को तैनात किया है जबकि पांच पोतों, छह विमानों और सात हेलीकॉप्टरों को विशाखापत्तनम में तैयार रखा गया है। भारतीय वायु सेना ने राहत कार्यों के लिए दो सी-17 विमान तैनात किए हैं जबकि दो सी-130 और चार एएन-32 विमानों को तैयार रखा गया है।
 
- राजधानी भुवनेश्वर में भी फानी के कहर से सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों का नुकसान हुआ। यहां भी बिजली, संचार तथा यातायात समेत विभिन्न सेवाएं प्रभावित रहीं।
 
- ओडिशा के तटवर्ती इलाकों में फोनी का सबसे गंभीर कहर बरपा। विशेषकर पुरी, खोरदा और जगतसिंहपुर जिलों में फोनी के कारण भारी बारिश तथा करीब दो घंटे तक 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह ठप कर दिया।

-ओडिशा में आए भयंकर चक्रवाती तूफान फानी से संबंधित जानकारी के लिए गृह मंत्रालय ने हेल्पलाइन नम्बर 1938 शुरू किया है। गृह मंत्रालय के अनुसार इस हेल्पलाइन पर चक्रवाती तूफान से संबंधित घटनाक्रम की जानकारी हासिल की जा सकती है। विभिन्न मंत्रालयों ने भी तूफान के मद्देनजर नियंत्रण कक्ष बनाए हैं, जहां से तूफान से संबंधित जानकारी ली जा सकती है। 
- ओडिशा के केंद्रपाड़ा में 60 साल के एक वृद्ध की मौत। 
- ओडिशा के गंजाम में 3 लाख से ज्यादा लोगों को बचाया गया। 541 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।
- हैदराबाद के मौसम विभाग के मुताबिक पुरी में 245 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है। प्रशासन पहले से ही मुस्तैद है।
- समुद्री किनारों से लोगों को हटा कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है।
- सरकारी इंतजामों और तूफान से लड़ने की तैयारियों पर खुद मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पैनी नजर बनाए हुए हैं।
- NDRF टीम ने दीघा में 52 बच्चों समेंत 132 लोगों की जान बचाई। उन्हें राहत शिविर ले जाया गया। 
- ओडिशा के पुरी तट पर टकराया फानी, पुरी में भारी बारिश। 175 की रफ्तार से चली हवाएं।  
- समुद्र के किनारे बसे मंदिर शहर पुरी में कई इलाके और अन्य जगहों में पानी भर गया है। राज्य के सभी तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है। कई पेड़ उखड़ गए और भुवनेश्वर समेत कुछ स्थानों पर बनीं झोपड़ियां तबाह हो गईं।
- ओडिशा से पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ा फानी, रात साढ़े आठ बजे तक पश्चिम बंगाल पहुंचने की आशंका।
- पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने 2 दिन की सभी रैलियां रद्द की।  दो दिन तक खड़गपुर में रहेंगी ममता। 
- ‘फानी’ गोपालपुर तट से टकराया। तूफान प्रभावित इलाकों में बिजली गुल, संचार सेवाएं ठप।

- मौसम विभाग के अनुसार, अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘फोनी’ 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पुरी में ओडिशा तट पर पहुंचा। 
- मौसम विभाग ने राज्य के 17 जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। गंजाम, गजपति, खुर्दा, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, जाजपुर और बालासोर तटीय इलाकों के फोनी की चपेट में आने की आशंका जताई गई है।
- इसके अलवा पश्चिम बंगाल में पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण और उत्तर  24 परगना जिले, हावड़ा, हुगली, झारग्राम, कोलकाता के साथ ही श्रीकाकुलम, विजयनग्राम और आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम जिला भी तूफान से प्रभावित हो सकता है।
- केंद्र सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1938 जारी किया। 
- अत्यंत प्रचंड च्रकवात ओडिशा के तट की ओर बढ़ रहा है और यह अनुमानित समय दोपहर बाद तीन बजे से बहुत पहले ही सुबह में तटीय क्षेत्र से टकराएगा। 
- राज्य के मुख्य सचिव ए पी पधी ने कहा कि चक्रवात के धार्मिक नगरी पुरी के बेहद करीब शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे पहुंचने की आशंका है और इसके यहां टकराने की पूरी प्रक्रिया चार-पांच घंटे की होगी।
- नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा ने कहा कि भारतीय नौसेना के पोत सहयाद्री, रणवीर और कदमत को राहत सामग्री तथा चिकित्सा दलों के साथ तैनात किया गया है। वे चक्रवात के तटीय इलाके से गुजरने के फौरन बाद राहत कार्य शुरू कर सकें।
-  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में पार्टी कार्यकर्ताओं से चक्रवात प्रभावितों की मदद करने को कहा है।
- 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। 
- ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक की अपील-लोग इस दौरान घरों के अंदर ही रहें।

- ओडिशा तट से टकराने के बाद तूफान कमजोर होते हुए उत्तर पूर्व की बढ़ते हुए पश्चिम बंगाल पहुंचेगा। तब उसकी रफ्तार अधिकतम 115 किलोमीटर प्रति घंटा रह जाएगी। फानी के चार मई को भारत से निकलकर बांग्लादेश पहुंचने की संभावना है।
- ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में इसका भारी असर होने की आशंका है। 
- गोपालपुर में 15, पुरी में 10 और भुवनेश्वर में अब तक 5 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। 
- 175 से 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है हवा।
- यह तूफान 10 से 12 बजे के बीच ओडिशा तट पर टकरा सकता है। 
- पुरी से तूफान मात्र 80 किमी दूर। 
- रेलवे ने बृहस्पतिवार को कहा कि चक्रवात ‘फानी’ के मद्देनजर कोलकाता-चेन्नई रूट पर ओडिशा तटरेखा की करीब 223 ट्रेनों को रद्द किया गया है। इसमें 140 मेल,एक्सप्रेस ट्रेनें तथा 83 पैसेंजन ट्रेनें शामिल हैं।
- गृह मंत्रालय ने बताया कि कुल मिलाकर 11.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ेगा, जिनमें से लगभग 3.3 लाख लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। 
- प्रभावित क्षेत्रों में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए तीन विशेष ट्रेन सेवा में लगाई गई हैं। चक्रवात ‘फानी’ के तीन मई तक इस राज्य तक पहुंचने की संभावना है। 
- चक्रवात फानी से ओडिशा के 10,000 गांव, 50 शहर प्रभावित हो सकते हैं।
- नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जानकारी दी कि बृहस्पतिवार मध्य रात्रि से भुवनेश्वर से उड़ानों का परिचालन अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा।
- शुक्रवार सुबह से कोलकाता हवाई अड्डे से भी उड़ानों का परिचालन अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा और हालात बेहतर होते ही उड़ानों को बहाल कर दिया जाएगा। 
- एक रेलवे प्रवक्ता ने कहा, 'चक्रवात फानी के कारण कोलकाता-चेन्नई रूट के भद्रक-विजयनगरम खंड (ओडिशा तटरेखा पर) चार मई की दोपहर तक सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।'
- चक्रवात के ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को प्रभावित करने की संभावना है। 
- रेलवे ने कहा कि अगर प्रस्तावित यात्रा के तीन दिन के भीतर टिकट रद्द करने के लिए पेश किया जाता है तो वह यात्रियों को रद्द ट्रेन या रूट बदलने वाली ट्रेन के लिए पूरा पैसा वापस करेगा।
- रद्द ट्रेनों में हावड़ा-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस, पटना-एनार्कुलम एक्सप्रेस, नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस, हावड़ा-हैदराबाद ईस्ट कोस्ट एक्सप्रेस, भुवनेश्वर- रामेश्वरम एक्सप्रेस शामिल हैं।

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