शायद खराब मौसम के कारण हुआ हेलीकॉप्टर हादसा : प्रत्यक्षदर्शी

शुक्रवार, 10 दिसंबर 2021 (18:50 IST)
कोयंबटूर (तमिलनाडु)। कुन्नूर में दुर्घटनाग्रस्त हुए भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर का वीडियो रिकॉर्ड करने वाले शहर के एक वैडिंग फोटोग्राफर ने शुक्रवार को कहा कि शायद खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण हेलीकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हुआ। हादसे में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) बिपिन रावत और 12 अन्य लोगों की मौत हो गई थी।

बुधवार को हेलीकॉप्टर का वीडियो रिकॉर्ड करने वाले वाई जोए उर्फ कुट्टी ने शुक्रवार को कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण था। उन्होंने खराब मौसम और कम दृश्यता को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। कुट्टी (52) शहर के एक वैडिंग फोटोग्राफर हैं और उन्होंने अपने मोबाइल फोन पर वीडियो रिकॉर्ड किया था। इसके बाद से यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

कुट्टी अपने दोस्त नज़र और उनके परिवार के साथ तस्वीरें लेने के लिए कटेरी इलाके गए थे और कौतूहलवश हादसे के शिकार हुए हेलीकॉप्टर की वीडियोग्राफी की थी। कुट्टी ने कहा कि नज़र अपने परिवार के सदस्यों के साथ उस दिन उधगमंडलम (ऊटी) की यात्रा पर आए थे।

सभी लोग कटेरी के पास रेलवे की पटरी पर चल रहे थे, वहीं परिवार की महिला सदस्य तस्वीरें और वीडियो बनवा रही थीं। दोनों ने कहा कि जैसे ही उन्होंने हेलीकॉप्टर की आवाज सुनी, कुट्टी ने वीडियो शूट करना शुरू कर दिया और देखा कि हेलीकॉप्टर कोहरे में गायब हो गया और जल्द ही जोरदार आवाज सुनी।

कुट्टी ने बताया कि जब उन्होंने पहाड़ी पर पहुंचने की कोशिश की तो पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंच चुकी थी और उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। कुट्टी और उनके साथी ने उस दिन जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के कार्यालयों में अधिकारियों तक पहुंचने की कोशिश की लेकिन वे संदेश देने में असमर्थ रहे।

कुट्टी ने कहा, हालांकि हमने एक पुलिस अधिकारी के साथ फुटेज साझा किया। इस बीच, सभी दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और होटलों ने दिवंगत लोगों के सम्मान में नीलगिरि जिले में अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। निजी बसें, पर्यटक टैक्सी और ऑटोरिक्शा भी सड़कों से नदारद रहे। जिले में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने मृतकों को पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया।

बुधवार को नीलगिरि जिले के कुन्नूर में कटेरी-नांजप्पनचत्रम इलाके के पर्वतीय इलाके में एमआई-17वीएच हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से जनरल रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य लोगों की मौत हो गई थी। भारतीय वायुसेना का एक कर्मी दुर्घटना में बच गया और उसका बेंगलुरु में इलाज जारी है।(भाषा)

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