3-3 वरिष्ठ महिला अफसरों की टीम : इसके लिए उत्तरप्रदेश सरकार ने 3-3 वरिष्ठ महिला अफसरों की टीम गठित करते हुए जिलों के लिए तैयार की है। इस टीम में मुख्य रूप से आईएएस, आईपीएस, पीपीएस, आईएफएस, पीपीएस की महिला अफसर शामिल रहेंगी।
योगी आदित्यनाथ की देखरेख में टीम का गठन : टीम के गठन में अधिकारियों का चयन खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देखरेख में हुआ है। इस टीम का मुख्य कार्य जिलों में चल रहीं योजनाओं की समीक्षा कर योजनाओं की समीक्षा रिपोर्ट सीधे शासन को देना होगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के मन में सरकार के प्रति भरोसा व विश्वास दिलाने का है।
अनेक महिला हितैषी योजनाएं : जानकारी के अनुसार सरकार द्वारा पहल की शुरुआत निम्न योजनाओं से की जा रही है जिसमें मुख्य रूप से महिला शक्ति केंद्रों की स्थिति, बाल विवाह की रोकथाम के लिए कार्ययोजना, विधवा पेंशन, बालिका गृह, स्वधार गृह, महिला शरणालय का निरीक्षण, महिला व बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की समीक्षा, गुमशुदा बालिकाओं व महिलाओं की स्थिति को देखा जाएगा।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ : इसके अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत आए प्रकरणों की समीक्षा, एंटी रोमियो अभियान व घरेलू हिंसा के प्रकरण की समीक्षा, पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत मुखबिर योजना, एनीमिया मुक्त, टीकाकरण अभियान व हौसला साझेदारी सहित विभिन्न अभियान, जिला महिला अस्पतालों की समीक्षा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना, 181 महिला हेल्पलाइन इत्यादि योजनाओं की समीक्षा समय-समय पर कर सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देनी होगी।
महिलाओं को मिलेगा लाभ : इसमें सरकार की मंशा मुख्य रूप से यह है कि इन महिलाओं से जुड़ीं योजनाओं की जिम्मेदारी अगर महिला अधिकारियों को दी जाएगी तो निश्चित तौर पर ही योजनाओं का लाभ महिलाओं को मिलेगा जिससे सरकार पर महिलाओं का भरोसा और बढ़ेगा। इस पहल की शुरुआत करते हुए सरकार ने लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी में निगरानी कमेटी का गठन कर दिया है।
अनिता भटनागर जैन नोडल अफसर : उत्तरप्रदेश सरकार ने लखनऊ में 1985 बैच की आईएएस अफसर अनिता भटनागर जैन को नोडल अफसर बनाया है, साथ ही 2013 बैच की आईएएस अपूर्वा दुबे व पीपीएस श्रेष्ठा को नोडल अफसर बनाया है तो वहीं वाराणसी में आईएएस मनीषा त्रिघाटिया, आईपीएस चारू निगम व पीसीएस अफसर ज्योति मौर्या को नोडल अफसर बनाया है।